होम › ब्लॉग › जामनगर में घूमने की जगह

जामनगर गाइड · नवंबर 2026 में अपडेट

जामनगर में घूमने की जगह: पूरी गाइड

जामनगर (पुराना नाम नवानगर) की ज़्यादातर ऐतिहासिक जगहें लाखोटा झील के आसपास, पुराने शहर में हैं। यहाँ 10 जगहें हैं, हर एक के साथ: क्या देखें, होटल आराम से दूरी, कितना समय रखें और ज़रूरी टिप्स। सारी जानकारी नवंबर 2026 में जाँची गई है।

  • घूमने का अच्छा मौसम: अक्टूबर से फ़रवरी
  • पुराना शहर: होटल से लगभग 3 किमी
  • द्वारका: लगभग 135 किमी

जामनगर को जाम रावल ने 1540 में "नवानगर" (नया नगर) के नाम से बसाया था। यह जाडेजा राजाओं की रियासत नवानगर की राजधानी रहा, इसलिए यहाँ झील, बुर्ज, महल और पुराने बाज़ार एक-दूसरे के पास मिल जाते हैं।

एक नज़र में: 10 जगहें और दूरी

जगहहोटल आराम से दूरी (सड़क)कितना समय रखें
लाखोटा झील और म्यूज़ियमलगभग 3 किमी1.5 से 2 घंटे
भुजियो कोठोलगभग 3 किमी30 से 45 मिनट
बाला हनुमान मंदिरलगभग 3 किमी20 से 30 मिनट
दरबारगढ़ और विलिंग्डन क्रेसेंटलगभग 3 किमी30 मिनट
रतनबाई मस्जिदलगभग 2.5 किमी15 से 20 मिनट
जैन मंदिरलगभग 3 किमी30 से 45 मिनट
प्रताप विलास पैलेसशहर के अंदरबाहर से 15 मिनट
खिजड़िया पक्षी अभयारण्यलगभग 17 से 20 किमी2 से 3 घंटे (सुबह)
समुद्री राष्ट्रीय उद्यान, नरारालगभग 55 किमीआधा दिन
द्वारका (डे ट्रिप)लगभग 135 किमीपूरा दिन

दूरियाँ होटल आराम (पंडित नेहरू मार्ग) से सड़क के रास्ते की हैं (OpenStreetMap रूटिंग)। "कितना समय रखें" हमारा सुझाव है।

शहर की जगहें

1. लाखोटा झील और लाखोटा म्यूज़ियम (Lakhota Lake & Museum)

  • होटल से लगभग 3 किमी
  • कार या ऑटो से 5 से 10 मिनट

लाखोटा झील को रणमल झील भी कहते हैं। झील के बीच एक टापू पर लाखोटा पैलेस है, 19वीं सदी का "जल दुर्ग" (water fort), जिसे जाम रणमल द्वितीय ने बनवाया था। भारत सरकार की Incredible India साइट के अनुसार इसे सूखे के समय राहत-कार्य के रूप में बनवाया गया था।

पैलेस के अंदर म्यूज़ियम है, जिसमें 9वीं से 19वीं सदी तक की मूर्तियाँ, सिक्के, चित्र और पुराने हथियार हैं। 2001 के भूकंप के बाद मरम्मत होकर यह 2018 में फिर खुला। झील के किनारे टहलने के लिए पैदल रास्ता भी है।

टिप: Incredible India के अनुसार म्यूज़ियम बुधवार, महीने के दूसरे और चौथे शनिवार और सरकारी छुट्टियों पर बंद रहता है। जाने से पहले समय ज़रूर जाँच लें।

2. भुजियो कोठो (Bhujiyo Kotho)

  • होटल से लगभग 3 किमी
  • मार्च 2026 से फिर खुला

लाखोटा झील के दक्षिणी किनारे पर बना यह ऊँचा बुर्ज (bastion) 1839 से 1852 के बीच बना था। 2001 के भूकंप में यह क्षतिग्रस्त हुआ था। जामनगर महानगरपालिका ने लगभग ₹25 करोड़ से इसका जीर्णोद्धार कराया, और समाचार एजेंसी ANI के अनुसार इसे 19 मार्च 2026 से पर्यटकों के लिए फिर खोला गया।

पास में ही पुराने शहर का खंभालिया गेट (Khambhalia Gate) है, जो राज्य-संरक्षित स्मारक है।

टिप: खुलने का समय और टिकट की जानकारी वहीं पर या स्थानीय रूप से पता कर लें।

3. बाला हनुमान मंदिर (Bala Hanuman Temple)

  • होटल से लगभग 3 किमी
  • लाखोटा झील के पास

लाखोटा झील के दक्षिण-पूर्वी किनारे पर बना यह मंदिर अपनी अखंड रामधुन के लिए जाना जाता है। 1 अगस्त 1964 से यहाँ "श्री राम, जय राम, जय जय राम" की धुन दिन-रात बिना रुके चल रही है, और यह गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुकी है।

टिप: जूते बाहर उतारें और शालीन कपड़े पहनें। झील, भुजियो कोठो और यह मंदिर कुछ सौ मीटर के दायरे में हैं, इसलिए तीनों एक साथ पैदल देखे जा सकते हैं।

4. दरबारगढ़ और विलिंग्डन क्रेसेंट (Darbargadh & Willingdon Crescent)

  • होटल से लगभग 3 किमी
  • पुराने शहर के बीच

दरबारगढ़ 16वीं सदी का राजमहल परिसर है, जहाँ कभी जाम साहब रहते थे; अब यह खाली है। इसके सामने विलिंग्डन क्रेसेंट है, जाम रणजीतसिंहजी का बनवाया हुआ मेहराबों वाला अर्धगोलाकार बाज़ार, जिसके बीच जाम साहब की प्रतिमा लगी है। आज इसमें दुकानें हैं।

5. रतनबाई मस्जिद (Ratanbai Masjid)

  • होटल से लगभग 2.5 किमी

पुराने शहर की यह मस्जिद जाम विभाजी के शासनकाल (1852 से 1895) में बनी थी। दरबारगढ़ से यह पैदल कुछ ही मिनट की दूरी पर है।

टिप: नमाज़ के समय से बचें और शालीन कपड़े पहनें।

6. जैन मंदिर (Jain temples, Chandi Bazaar)

  • होटल से लगभग 3 किमी
  • चांदी बाज़ार इलाका

जामनगर संगमरमर के अपने चार प्रसिद्ध जैन मंदिरों के लिए जाना जाता है: वर्धमान शाह, रायसी शाह, शेठ और वासुपूज्य स्वामी के मंदिर। ये 1574 से 1622 के बीच बने थे। पुराने शहर के चांदी बाज़ार इलाके में कई जैन मंदिर पास-पास हैं, इसलिए इन्हें दरबारगढ़ के साथ एक ही चक्कर में देख सकते हैं।

7. प्रताप विलास पैलेस (Pratap Vilas Palace)

  • शहर के अंदर
  • केवल बाहर से

जाम रणजीतसिंहजी के शासनकाल (1907 से 1933) में बना यह महल यूरोपीय शैली और भारतीय नक्काशी का मेल है। इसकी बनावट कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल से मिलती-जुलती है, इसके तीन गुंबद काँच के हैं और खंभों पर बेलों, फूलों, पक्षियों और जानवरों की नक्काशी है। पर्यटक इसे अंदर से नहीं देख सकते, इसलिए इसे बाहर से ही देखें।

प्रकृति: पक्षी और समुद्री जीवन

8. खिजड़िया पक्षी अभयारण्य (Khijadiya Bird Sanctuary)

  • जामनगर से लगभग 12 किमी
  • होटल से सड़क के रास्ते 17 से 20 किमी
  • कार से 30 से 40 मिनट

1981 में घोषित यह अभयारण्य 6.05 वर्ग किमी में फैला है। यहाँ मीठे पानी की झीलें, खारे पानी के दलदल, कच्छ की खाड़ी से आती खाड़ियाँ (creeks) और मैंग्रोव, सब एक साथ हैं, और 200 से ज़्यादा प्रजातियों के पक्षी दर्ज किए गए हैं। यह रामसर साइट (अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि) भी है।

टिप: प्रवासी पक्षी लगभग सितंबर से फ़रवरी–मार्च तक दिखते हैं। सुबह जल्दी पहुँचें, दूरबीन और पानी साथ रखें, और आरामदायक जूते पहनें क्योंकि अंदर पैदल चलना पड़ता है। प्रवेश का समय और शुल्क पहले से पता कर लें।

और पढ़ें (English): 5 interesting facts about Khijadia Bird Sanctuary

9. समुद्री राष्ट्रीय उद्यान, नरारा (Marine National Park, Narara)

  • होटल से लगभग 55 किमी
  • कार से करीब 1 घंटा
  • सिर्फ़ लो टाइड (भाटा) में

कच्छ की खाड़ी में भारत का पहला समुद्री अभयारण्य (1980) और पहला समुद्री राष्ट्रीय उद्यान (1982) बना था। इसमें 42 द्वीप आते हैं, जिनमें ज़्यादातर के चारों ओर कोरल (मूँगा) की चट्टानें हैं। नरारा में भाटे (low tide) के समय पानी उतरने पर गाइड के साथ खुली चट्टानों पर पैदल चलकर कोरल, केकड़े, स्टारफ़िश और दूसरे समुद्री जीव देखे जाते हैं। यहाँ स्नॉर्कलिंग या डाइविंग नहीं होती; पूरा अनुभव उथले पानी में पैदल चलने का है।

नरारा जाने के लिए वन विभाग की अनुमति ज़रूरी है, और ज्वार के हिसाब से प्रवेश का समय रोज़ बदलता है। पिरोटन द्वीप (Pirotan) के लिए अब तक वन विभाग, कस्टम्स और पोर्ट विभाग, तीनों की अनुमति लगती रही है, और वहाँ कोई नियमित फ़ेरी नहीं है। कुछ हालिया ट्रैवल गाइड और पर्यटकों के अनुभव बताते हैं कि द्वीप अब पर्यटकों के लिए बंद है; हम किसी सरकारी स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं कर पाए, इसलिए योजना बनाने से पहले वन विभाग से पूछ लें।

टिप: अनुमति और ज्वार का समय एक-दो दिन पहले जामनगर में वन विभाग के मरीन नेशनल पार्क दफ़्तर से पता करें। ऐसे जूते पहनें जो गीले हो सकें, कोरल को न छुएँ और वहाँ से कुछ भी साथ न लाएँ।

पूरी जानकारी (English): Marine National Park, Jamnagar: Narara and Pirotan guide

जामनगर से एक दिन की यात्रा

10. द्वारका (Dwarka day trip)

  • होटल से लगभग 135 किमी
  • कार से लगभग 2 से 2.5 घंटे एक तरफ़

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर): 72 खंभों पर टिका पाँच मंज़िला मंदिर, जो चार धाम में से एक है। मौजूदा मंदिर 15वीं–16वीं सदी में फिर से बना था।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक।

बेट द्वारका: द्वारका के उत्तर में, ओखा के पास का द्वीप। फ़रवरी 2024 से यहाँ सुदर्शन सेतु से सड़क के रास्ते जा सकते हैं; 2.32 किमी लंबा यह भारत का सबसे लंबा केबल-स्टे पुल है।

टिप: सुबह जल्दी निकलें और मंदिरों में दर्शन का समय पहले से जाँच लें। ड्राइवर के साथ कार चाहिए तो हमारी सहयोगी फ़र्म Aram Travels से बुक कर सकते हैं।

पूरा प्लान (English): Dwarka day trip from Jamnagar

वनतारा (Vantara) के बारे में: रिलायंस का यह वन्यजीव बचाव और पुनर्वास केंद्र आम जनता के लिए खुला नहीं है (नवंबर 2026 तक), इसलिए इसे घूमने की योजना में न जोड़ें।

घूमने का सही समय

  • अक्टूबर से फ़रवरी: सबसे अच्छा समय। दिन में धूप रहती है पर रातें ठंडी होती हैं, और खिजड़िया में प्रवासी पक्षी आते हैं।
  • मार्च से मई: बहुत गर्मी और उमस। घूमना सुबह और शाम तक सीमित रखें।
  • जून से सितंबर: मानसून, पर बारिश का कोई भरोसा नहीं; कभी बहुत कम, कभी बहुत ज़्यादा।

एक या दो दिन का प्लान

  1. पहला दिन, सुबह: खिजड़िया पक्षी अभयारण्य (पक्षी देखने के लिए सुबह का समय अच्छा रहता है)।
  2. दोपहर: होटल लौटकर लंच; हमारे इंडोर रेस्टोरेंट की गुजराती थाली आज़माएँ।
  3. दोपहर बाद: लाखोटा झील और म्यूज़ियम, भुजियो कोठो और बाला हनुमान मंदिर।
  4. शाम: दरबारगढ़, विलिंग्डन क्रेसेंट, जैन मंदिर और रतनबाई मस्जिद, पुराने बाज़ारों के बीच पैदल।
  5. रात: खुली छत वाले 360 The Rooftop पर डिनर (शाम 7 बजे से रात 1 बजे तक, शुद्ध शाकाहारी)।
  6. दूसरा दिन: द्वारका और बेट द्वारका, या भाटे के समय के हिसाब से नरारा।

ज़रूरी टिप्स

  • पुराने शहर की गलियाँ संकरी हैं; वहाँ घूमने के लिए ऑटो-रिक्शा और पैदल चलना सबसे आसान है।
  • मंदिरों और मस्जिद में शालीन कपड़े पहनें और जूते बाहर उतारें।
  • गर्मियों में पानी, टोपी और सनस्क्रीन साथ रखें।
  • जामनगर की बांधनी (टाई-डाई) और यहाँ की कचौरी और घुघरा मशहूर हैं।
  • नरारा के लिए अनुमति और ज्वार का समय पहले से पता करें; पिरोटन अभी खुला है या नहीं, यह भी वन विभाग से पूछ लें।

कहाँ ठहरें: होटल आराम

होटल आराम 1970 से चल रहा हेरिटेज होटल है, और गुजरात टूरिज़्म की हेरिटेज होटल सूची में जामनगर का इकलौता होटल है। यहाँ से लाखोटा झील और पुराना शहर लगभग 3 किमी, रेलवे स्टेशन लगभग 2 किमी और एयरपोर्ट लगभग 8 किमी है। हमारी हेरिटेज इमारत की कहानी पढ़ें।

  • 38 एयर-कंडीशंड कमरे और सुइट, मुफ़्त Wi-Fi, 24 घंटे फ़्रंट डेस्क।
  • तीन शुद्ध शाकाहारी रेस्टोरेंट, जिनमें खुली छत वाला 360 The Rooftop शामिल है।
  • सीधे बुक करने पर: मुफ़्त एयरपोर्ट पिकअप, 5 किमी के भीतर दिन में एक बार मुफ़्त लोकल ट्रांसफ़र (लाखोटा झील इसी दायरे में है), आगमन से 5 दिन पहले तक मुफ़्त कैंसलेशन और खाने पर 10% छूट।

कमरे देखें · डायरेक्ट बुकिंग ऑफ़र देखें

जामनगर में होटल आराम की सफ़ेद हेरिटेज इमारत: लकड़ी की मेहराबदार खिड़कियाँ, नीली-सफ़ेद धारीदार छतरियाँ और ताड़ के पेड़
होटल आराम की हेरिटेज इमारत, नंद निवास।

अंग्रेज़ी में और गाइड

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जामनगर में घूमने की सबसे मशहूर जगहें कौन सी हैं?

लाखोटा झील और म्यूज़ियम, भुजियो कोठो, बाला हनुमान मंदिर, दरबारगढ़, जैन मंदिर, खिजड़िया पक्षी अभयारण्य और नरारा का समुद्री राष्ट्रीय उद्यान। एक दिन की यात्रा में द्वारका भी जा सकते हैं।

जामनगर घूमने के लिए कितने दिन चाहिए?

शहर की जगहों के लिए एक दिन काफ़ी है। खिजड़िया या नरारा जोड़ें तो डेढ़ से दो दिन रखें, और द्वारका के लिए एक पूरा दिन अलग रखें।

जामनगर घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

अक्टूबर से फ़रवरी, जब मौसम ठंडा रहता है और खिजड़िया में प्रवासी पक्षी आते हैं। मार्च से मई बहुत गर्म रहता है।

क्या भुजियो कोठो अब खुला है?

हाँ। जीर्णोद्धार के बाद इसे मार्च 2026 में पर्यटकों के लिए फिर खोला गया। जाने से पहले खुलने का समय और टिकट की जानकारी ले लें।

क्या वनतारा (Vantara) घूमने जा सकते हैं?

नहीं। वनतारा आम जनता के लिए खुला नहीं है (नवंबर 2026 तक)।

होटल आराम से लाखोटा झील कितनी दूर है?

लगभग 3 किमी, यानी कार या ऑटो से 5 से 10 मिनट। सीधे बुक करने वाले मेहमानों को 5 किमी के भीतर दिन में एक बार मुफ़्त लोकल ट्रांसफ़र मिलता है।

जामनगर से द्वारका कितनी दूर है?

होटल आराम से सड़क के रास्ते लगभग 135 किमी है; कार से एक तरफ़ लगभग 2 से 2.5 घंटे लगते हैं।

जामनगर घूमने आएँ तो होटल आराम में ठहरें

होटल आराम से पुराना शहर लगभग 3 किमी है। रेट रोज़ बदलते हैं, इसलिए आज का रेट देखें या WhatsApp पर पूछें।

HOTEL

Hotel Aram — Heritage Hotel in Jamnagar, Gujarat

Contact

Hotel Aram

Opp DKV College, 

P N Marg, 

Jamnagar 361008

Hotel Aram on Facebook
Hotel Aram on Instagram

Check Availability

Hotel Aram, The Finest Heritage Hotel in Jamnagar

Hotel Aram heritage building exterior — historic hotel in Jamnagar, Gujarat